मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की समीक्षा बैठक, सचिवालय उप सचिवों को जमीनी कार्यों की निगरानी और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
जयपुर, 30 अप्रैल। राजस्थान शासन सचिवालय में प्रशासनिक कार्यों की गति को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को राजस्थान प्रशासनिक सेवा के सचिवालय में पदस्थापित उप सचिवों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न विभागों में चल रहे विकासात्मक कार्यों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और लंबित मामलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव समीक्षा बैठक राजस्थान सचिवालय के दौरान वी. श्रीनिवास ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं और नीतियों का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा जब प्रशासनिक अधिकारी केवल कार्यालय स्तर तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर भी कार्यों की प्रगति की निगरानी करेंगे। उन्होंने सभी उप सचिवों को निर्देश दिए कि वे अपने विभागों से संबंधित परियोजनाओं, योजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों की फील्ड स्तर पर नियमित समीक्षा करें।
बैठक में मुख्य सचिव ने तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों, डेटा प्रबंधन और आधुनिक प्रशासनिक प्रणालियों के जरिए योजनाओं की मॉनिटरिंग को मजबूत बनाया जाए ताकि सरकारी सेवाएं आमजन तक अधिक पारदर्शिता और दक्षता के साथ पहुंच सकें। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता दें और विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक तेज, सरल और प्रभावशाली बनाएं।
वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में लंबित फाइलों और प्रशासनिक मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि राजकाज में देरी आमजन की सुविधाओं को प्रभावित करती है, इसलिए प्रत्येक विभाग अपने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाए। साथ ही उन्होंने नीति सुधार के क्षेत्रों में नवाचारपूर्ण कार्य करने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक उत्तरदायी बनाने की आवश्यकता बताई।
मुख्य सचिव ने उप सचिवों को विभागीय समन्वय बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि कई योजनाओं की सफलता विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी तालमेल पर निर्भर करती है। इसलिए प्रशासनिक स्तर पर संवाद, सहयोग और त्वरित निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करना बेहद आवश्यक है।
बैठक में कार्मिक विभाग की शासन सचिव श्रीमती अर्चना सिंह, संयुक्त शासन सचिव डॉ धीरज कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के उप सचिव मौजूद रहे। अधिकारियों ने अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और प्रशासनिक चुनौतियों पर भी चर्चा की।
यह समीक्षा बैठक राज्य प्रशासन को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और परिणाम केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी रूप से जनता तक पहुंच सकेगा.